भारत सरकार की कानून लागू करने वाली और आर्थिक खुफिया एजेंसी, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने 18 जनवरी को कहा कि उसने ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट Magicwin के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग केस में 14 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। फेडरल जांच एजेंसी ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म यूनाइटेड अरब अमीरात में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा चलाया जा रहा था और यह गैर-कानूनी सट्टेबाजी, बिना इजाज़त स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग और हवाला चैनलों और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए फंड की लॉन्ड्रिंग में शामिल था।
PMLA के तहत चार्जशीट फाइल की गई
ED ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट, जो चार्जशीट के बराबर है, 15 जनवरी को गुजरात के अहमदाबाद में एक स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट कोर्ट में फाइल की गई थी। अहमदाबाद साइबरक्राइम पुलिस की FIR के बाद यह केस दर्ज किया गया।
एजेंसी ने कहा कि जांच में Magicwin वेबसाइट और उसके मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए किए गए गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग एक्टिविटी से जुड़े बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन का पता चला।
ICC मैचों की गैर-कानूनी स्ट्रीमिंग से जुड़ा मामला
ED के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2024 मैचों की बिना इजाज़त होस्टिंग, स्ट्रीमिंग और ब्रॉडकास्टिंग के आरोपों से शुरू हुई है। FIR में आरोप लगाया गया है कि Magicwin ने स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को एक्सक्लूसिव ब्रॉडकास्टिंग राइट्स दिए जाने के बावजूद मैचों को गैर-कानूनी तरीके से स्ट्रीम किया। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने लिमिटेड को मान्यता दी है।
एजेंसी ने कहा कि प्लेटफॉर्म ने यूज़र्स को बेट लगाते समय लाइव स्कोरकार्ड के साथ लाइव मैच देखने की सुविधा दी, जिससे यूज़र एंगेजमेंट और बेटिंग वॉल्यूम बढ़ा।
कंपनी स्ट्रक्चर और विदेशी डायरेक्टर
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने कहा कि Magicwin स्पोर्ट्स लिमिटेड, जो Magicwin ब्रांड और पोर्टल का मालिक है, यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर्ड है। एजेंसी ने पाकिस्तानी नागरिक गुलाब हरजी मल और ओमेश कुमार गुरनानी को कंपनी के डायरेक्टर के तौर पर पहचाना है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों डायरेक्टर अभी यूनाइटेड अरब अमीरात में हैं। ED ने कहा कि विदेश में मौजूद मैनेजमेंट ने बेटिंग प्लेटफॉर्म को कंट्रोल करने और ऑपरेट करने में अहम भूमिका निभाई।
बेटिंग एक्सचेंज और लाइव कैसीनो ऑपरेशन
ED ने कहा कि Magicwin एक बेटिंग एक्सचेंज की तरह काम करता था और स्पोर्ट्स बेटिंग और आराम के लिए गैंबलिंग सर्विस की एक बड़ी रेंज देता था। इनमें क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और घुड़दौड़ पर सट्टा लगाना शामिल था।
एजेंसी ने कहा कि प्लेटफॉर्म लाइव कैसीनो सर्विस भी देता था। यूज़र्स बैकारेट, तीन पत्ती, रूलेट, अंदर-बाहर, पोकर और ब्लैकजैक जैसे गेम्स में हिस्सा ले सकते थे। जांच के मुताबिक, ये गेम ऑटोमेटेड बॉट्स के बजाय लाइव डीलर्स ने चलाए थे।
एजेंसी ने यह भी बताया कि प्लेटफॉर्म ने ट्रांज़ैक्शन को रूट करने और फंड के ओरिजिन को छिपाने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल किया।
क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल
ED ने कहा कि बेटिंग एक्टिविटीज़ से कमाए गए फंड्स को हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके डायवर्ट किया गया। इन तरीकों का इस्तेमाल कथित तौर पर फॉर्मल बैंकिंग सिस्टम के बाहर पैसे ट्रांसफर करने और रेगुलेटरी चेक से बचने के लिए किया गया था।
एजेंसी ने यह भी कहा कि कई सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने Magicwin प्लेटफॉर्म को प्रमोट किया था, जिससे भारत में इसके गैर-कानूनी स्टेटस के बावजूद यूज़र्स को अट्रैक्ट करने में मदद मिली।
भारत में ऑनलाइन बेटिंग बैन
भारत ने 2025 में असली पैसे वाले ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर बैन लगा दिया था, इसे फाइनेंशियल और सोशल खतरा बताया था। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म यूज़र्स का पैसा चूसते हैं, खासकर युवाओं पर इसका असर पड़ता है।
ED ने कहा कि Magicwin केस बॉर्डर पार काम करने वाले और भारतीय यूज़र्स को टारगेट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई को दिखाता है।
जांच जारी है, और जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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